सचिन का सपना पूरा हो न सका

सोमवार, 9 मार्च 2009

टीम इंडिया ने क्राइस्टचर्च वनडे में न्यूजीलैंड को 58 रन से करारी शिकस्त दी। इसी के साथ 5 मैचों की सीरीज में भारत ने 2-0 की अजेय बढ़त ले ली है। यानी पहली बार टीम इंडिया का न्यूजीलैंड में सीरीज जीतने का सपना पूरा हो सकता है। मगर इस सबके बीच सचिन का 19 साल पुराना सपना पूरा नहीं हो सका।सचिन जिस रफ्तार से रन बना रहे थे यही लगा कि वो 200 रन बनाकर ही दम लेंगे। मगर पेट की मांसपेशी में खिंचाव की वजह से रिटायर्ड हर्ट होकर वो बैटिंग छोड़कर पवेलियन लौट गए। मास्टर ब्लास्टर को ये दर्द का एहसास अर्धशतक जड़ने के बाद ही हो गया था। सचिन के मुताबिक 'जब मैं 70 रन के करीब थे तभी दर्द महसूस होने लगा था। मगर बाद में दर्द और बढ़ गया। मुझे मालूम था कि मैं अपने साथ गलत कर रहा हूं। यही वो समय था जब मैने फैसला किया कि मैदान से बाहर चला जाऊं।'सचिन को 150 रन बनाने के बाद 200 का आंकड़ा सामने दिखाई दे रहा था। मगर मास्टर ब्लास्टर का ये सपना टूट गया।सचिन ने कहा कि 'जब मैंने 150 रन पार किए तो एक बार लगा कि मैं वनडे में पहला दोहरा शतक लगा सकता हूं। मगर अचानक दर्द बढ़ने लगा। ऐसे में मैंने फैसला लिया कि अगर आज जोखिम उठाया तो आगे के लिए ठीक नहीं होगा।"तमाम अगर मगर के बावजूद ये सचिन की एक और बेहतरीन पारी थी। अब चौथे वनडे में सचिन खेलेंगे या नहीं इसपर वो सोमवार को फैसला लेंगे।अगर सचिन का एक सपना टूट गया तो एक ख्वाहिश पूरी भी हुई। अपने 19 साल के करियर में आज से पहले सचिन ने कभी भी न्यूजीलैंड में शतक नहीं ठोका था। क्राइस्टचर्च में 43वीं सेंचुरी जड़ने के बाद सचिन ने अपनी और अपने फैन्स की ये तमन्ना भी पूरी कर दी। इस मैच में सचिन को 'मैन ऑफ द मैच' से नवाजा गया।दरअसल न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने सहवाग का विकेट जल्द ही गंवा दिया। सचिन ने आते ही कीवी फील्डर्स को मैदान के चारों ओर खूब दौड़ाया। पहले युवराज सिंह के साथ मिलकर सचिन ने दूसरे और तीसरे पावर प्ले का भरपूर फायदा उठाया और जल्द ही अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। उसके बाद सचिन ने 10 चौकों और 2 छक्कों के साथ अपना शतक 101 गेंदों में पूरा कर लिया।लेकिन शतक पूरा करते ही सचिन ने रन बनाने को रफ्तार तेज कर दिया। मानों जैसे वो 200 रन बनाने के मूड में थे। लगातार चौकों और छक्कों की बारिश के साथ ही सचिन ने अपने 150 रन भी पूरे किए। 163 रनों के निजी स्कोर पर सचिन को मांसपेशियों में खिंचाव हुआ और वो रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन वापिस लौट गए। अपनी 163 रनों की पारी में सचिन ने 16 चौके और 5 छक्के लगाए।आज सचिन की पारी को देखकर लगा जैसे की करीब 10 साल पहले का सचिन मैदान पर हो। वही जोश वही जज्बा और वही कलात्मक स्ट्रोक्स। वहीं क्राइस्टचर्च में आज मास्टर ब्लास्टर के बल्ले ने जो आग उगली उसने तमाम आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। जो लोग उनकी उम्र और फॉर्म को लेकर कोसते रहते थे उन्हें आज सचिन ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। आलोचकों को हमेशा शिकायत रही कि सचिन मैच विनर नहीं हैं। मगर क्राइस्ट चर्च में सचिन की आतिशी पारी ने साबित कर दिया कि वो टीम इंडिया के सबसे बड़े मैच विनर हैं।क्राइस्टचर्च में जबर्दस्त पारी खेलने के बाद तेंदुलकर ने कहा कि 'मैं अपने पूरे करियर में इससे मजबूत बैटिंग लाइन अप का सदस्य नहीं रहा। इस लाइन अप में ऐसा बल्लेबाज है जो जब चाहे गेंद सीमारेखा के पार कर सकते हैं और इस लाइन अप के लिए कोई भी टार्गेट बड़ा नहीं'गौरतलब है कि कपिल, अजहर, सिद्धू, राहुल और सौरव जैसे वर्ल्ड क्लास बल्लेबाजों के साथ खेल चुके तेंदुलकर का ये बयान काफी अहमियत रखता है। इससे पहले सहवाग ने कहा था कि मौजूदा टीम हर मैच में 300 रन बनाने का माद्दा रखती है।

2 टिप्पणियाँ:

दिल दुखता है... ने कहा…

हिंदी ब्लॉग की दुनिया में आपका स्वागत है... होली की शुभकामनाएं.

Akhileshwar Pandey ने कहा…

ब्‍लाग जगत में आपका स्‍वागत। उम्‍मीद है, भविष्‍य में कुछ बेहतर पढने को मिलेगा। होली की हार्दिक शुभकामना।