टीम इंडिया में नए चेहरे की जरूरत

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2009

भारत के पूर्व कप्तान रवि शास्त्री ने चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के बाहर होने से खफा होकर कहा कि टीम इंडिया में भारी बदलाव की जरुरत है। एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में उन्होंने चयनकर्ताओं से मांग की है कि वो तुरंत 10 नए चेहरों को चुने और उन्हें तुरंत मौका देना शुरू करें। ताकि 2011 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को फिर शर्मिंदा ना होना पड़े।
शास्त्री ने कहा कि ये जिम्मेदारी चयनकर्ताओं की है कि वो कैसे 25 खिलाड़ियों की फौज तैयार करें। जिन्हें बारी-बारी से कभी भी इस्तेमाल किया जा सके। शास्त्री ने ये भी कहा कि मैं इस बात को नहीं मानता कि हमारे पास प्रतिभा की कमी है। साथ ही उन्होंने कहा कि ये कोई जरूरी नहीं है कि दिलीप वेंगसरकर के चुने गए खिलाड़ियों को ही बार-बार मौका मिलना चाहिए। यही नहीं, शास्त्री ने कहा कि ईशांत शर्मा को सिर्फ टेस्ट क्रिकेट में इस्तेमाल करना चाहिए। जबकि प्रवीण कुमार वनडे में ज्यादा मौके मिलने चाहिए।
वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम ने भारतीय टीम की हार के लिए कप्तान धोनी को जिम्मेदार ठहराया है। अकरम का कहना है कि खिलाड़ी लगातार गलतियां कर रहे थे। लेकिन धोनी उन्हें समझा नहीं रहे थे। ऐसे मौके पर कप्तान की ये जिम्मेदारी बनती है कि वो खिलाड़ियों को गलती सुधारने के लिए कहे। अकरम ने तेज गेंदबाजों के रवैये पर भी सवाल उठाया है। उनका मानना है कि आरपी सिंह और ईशांत शर्मा मानसिक तौर पर ज्यादा मजबूत नहीं हैं इसलिए वो अपनी गति खो रहे हैं।

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