'घर घऱ से एक नौजवान चाहिए'

सोमवार, 1 जून 2009

पाकिस्तानी सेना की लगातार कार्रवाई से तालिबान बौखला गया है। पाक फौजें लगातार तालिबान के कब्जे वाले इलाकों को आजाद कराती जा रही हैं। इस लड़ाई में तालिबान के सैकड़ों लड़ाके मारे जा चुके हैं। ऐसे में तालिबान अपनी ताकत को बढ़ाने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहा है।
तालिबान ने स्वात घाटी में एक नया फरमान जारी कर दिया है। तालिबान को अब हर घर से एक नौजवान की जरूरत है जो उसके लिए अपनी जान दे सके। तालिबान ने अपने इस नए फरमान में स्वात में रह रहे लोगों से कहा है कि अगर स्वात में रहना है तो हर घर से जिहाद के लिए एक नौजवान दे दिया जाए। तालिबान को ऐसे नौजवान चाहिए जो जेहाद के नाम पर खुद को मिटाने को तैयार हों।
दरअसल स्वात घाटी में तालिबान और पाकिस्तानी फौज में भीषण संघर्ष पिछले 35 दिनों से जारी है। पाकिस्तान का दावा है कि उसने तालिबान के सैकड़ों लड़ाकों को मार गिराया। एक-एक कर तालिबान के कब्जे वाले इलाकों पर पाकिस्तानी फौज का कब्जा होता जा रहा है। पाकिस्तान के सबसे अहम इलाके मिंगोरा से भी तालिबानियों को खदेड़ने का काम शुरू हो चुका है।
लेकिन आमने-सामने की जंग में हारते तालिबान ने अपने नापाक इरादों को अंजाम देने के मांग रहा है स्वात घाटी के हर घर से एक नौजवान। तालिबान के इस खूंखार इरादे को अंजाम दे रहा है मौलाना फजलुल्लाह। वहीं मौलाना फजलुल्लाह जिस पर 5 करोड़ का इनाम रखा गया है। मौलाना फजलुल्लाह जिंदा बम तैयार करने की बात बड़े गर्व से मानता है।
बच्चों को जिंदा बम के तौर पर इस्तेमाल करने वाला तालिबान अपने खतरनाक मंसूबों अंजाम देने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। फिर वो बच्चों को जिंदा बम में तब्दील करना हो या घाटी के हर घर से एक आदमी की मांग हो। इतना ही नहीं पाकिस्तानी फौज से बुरी तरह मार खाने वाले तालिबान ने पाकिस्तानी फौज के लड़ाकों के घर वालों को भी निशाना बनाने का आदेश दे दिया है।
ऐसे में अगर पाकिस्तान से जल्द से जल्द तालिबान का सफाया न किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और बदतर हो सकते हैं। तालिबान की नौजवानों की ये मांग नई नहीं है। पहले भी तालिबानी आतंकी बच्चों को अपने संगठन में शामिल करते रहे हैं।

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