प्यार, शादी, जिस्मफरोशी और फिर...मर्डर

सोमवार, 8 जून 2009

शादी सात जन्मों का रिश्ता होता है। लेकिन राजधानी दिल्ली में एक पत्नी ने अपने पति को मौत की नींद सुलाकर इस पवित्र रिश्ते को दागदार किया है। वजह चाहे जो भी हो, लेकिन शादी दो दिलों का मिलन होता है। दोनों साथ जीने-मरने की कसमें खाते हैं। लेकिन ये क्या इन्होंने तो साथ जीने-मरने के बजाय मारने-मरने पर आतुर हो गए।
आखिर सात जन्मों का बंधन इस मुकाम तक कैसे पहुंच गया। कैसे एक महिला ने खुद को अपने ही हाथों विधवा बना डाला। कैसे एक पत्नी ने बेरहमी से अपने ही पति की जान ले ली। दिल्ली के रोहिणी इलाके में एक शख्स की हत्या के बाद हर किसी की जुबान पर बस यही सवाल है।
लेकिन जब इन सवालों के जवाब मिले तो सब भौचक्के रह गए। अनिता ने पुलिस के सामने सरेंडर के बाद खुद ये मान चुकी है कि उसने अपने पति का कत्ल किया।
अनिता से पूछताछ के बाद पुलिस का दावा है कि अनिता के पति ने अपने घर के हालात सुधारने की खातिर शादी के कुछ महीनों बाद ही उसे जिस्मफरोशी के दलदल में धकेल दिया। हर रोज उसका पति नशे में धुत होकर घर आता और कुछ रुपयों के खातिर अपनी पत्नी के जिस्म का सौदा कर देता। लेकिन अनीता सब कुछ सहती रही।
आखिरकर जब उसे लगा कि बड़ी होने पर उसकी मासूम बेटी के साथ भी वही हो सकता है जो उसके साथ हो रहा है तो उसने अपने पति नवीन की चाकुओं से गोद कर उसकी हत्या कर दी।
अनिता के मुताबिक उसने काफी सोचने के बाद वो इस अंजाम तक पहुंचा। अनिता खुद ग्रैजुएट है और वो अपनी 6 साल की बेटी को भी दिल्ली के एक जाने-माने पब्लिक स्कूल में तालीम दिली रही है। हैरानी की बात ये है कि अनीता और नवीन ने लव मैरिज की थी। दोनों एक साथ एक पॉर्लर में काम करते थे और बाद में घरवालों की रजामंदी से शादी की थी।

अनिता की परिवार का अलग रोना है। परिवार के मुताबिक शादी के बाद दोनों ने हरियाणा जाकर एक ब्यूटी पॉर्लर खोला लेकिन जब पॉर्लर नहीं चला तो दोनों दिल्ली वापस आ गए और नवीन ने जल्दी अमीर होने के चक्कर में अपनी पत्नी का इस्तेमाल शुरू कर दिया। जिसका अंजाम ये हुआ।

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