अब वो दिन लदे, खादी पहने और बन गए नेताजी

बुधवार, 10 जून 2009

अब वो दिन गए कि खादी पहना और हाथ में झंडा लिए...और बन गए नेताजी। अब नेता को कसौटी पर खरा उतरना होगा। लगेगी उनकी क्लास और हुए पास तो फिर राजनीति की सफर में उनका स्वागत होगा। दरअसल इसकी शुरूआत छात्र नेता से की जा रही है और ये मिशन राहुल गांधी का है।
भले ही छात्र नेता बनने के लिए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू सुनने में अजीब लगे। लेकिन नेशनल स्टूटेंड यूनियन ऑफ इंडिया यानी NSUI में यदि जगह चाहिए तो आपको इस परीक्षा से गुजरना पड़ेगा। जयपुर में शुरू हुआ एनएसयूआई का ये टैलेंट हंट प्रोगाम सफल रहा तो देशभर लागू होगा। ये ही है राहुल गांधी का मिशन यूथ।
चौंकिए मत देश की राजनीति में अभी इतना बड़ा बदलाव तो नहीं आया है। लेकिन बदलाव की शुरुआत जरूर हो चुकी है। अगर कोई छात्र NSUI के जरिए छात्र राजनीति में एक मुकाम हासिल करना चाहता है तो उसे रिटेन इक्जाम और इंटरव्यू से गुजरना होगा।
दरअसल इस इंटरव्यू में नामी-गिरामी इंस्टिट्यूट से पढ़ाई करने के बाद लाखों की नौकरी को छोड़ कर युवा सम्मिलित हो रहे हैं। और ऐसे युवाओं की मानें तो युवाओं का राजनीति में आना जरूरी है, तभी राजनीति में क्रांति आएगी।
इंटरव्यू में भाग लिए एक छात्र के मुताबिक पहले लिखित परीक्षा और फिर इंटरव्यू। इंटरव्यू पैनल में थे दो प्रोफेसर और एनएसयूआई की प्रदेश अध्यक्ष रंजू रामावत। पैनल की ओर से कई सवाल पूछे गए जो कि काफी कठिन और सोचनीय थी।
छात्र राजनीति के जरिए देश का नेता बनने का ख्वाब देखने वाले हर प्रोफेशनल के छात्रों हैं। मैनेजमेंट, बिजनैस एडिमिनेस्ट्रेशन या राजनीतिक से जुड़े छात्र एनएसयूआई में शामिल कर अपनी राजनीतिक भविष्य को तलाश रहे हैं।
परीक्षा में सफल होने वाले छात्रों को एनएसयूआई कार्यकारिणी में जगह दी जाएगी। फिर सबको एक टास्क दिया जाएगा। टास्क को पार करने के बाद रिजल्ट के आधार पर आगे जिम्मेदारी दी जाएगी। इस सबमें सफल होने वाले छात्रों को मिलेगा संगठन में पद। इतना ही नहीं नौकरी की तर्ज पर यहां बाकायदा
प्रमोशन, डिमोशन और डिसीप्लनरी एक्शन होगा। संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रंजू रामावत का चयन भी खुद राहुल गांधी ने टैलेंट हंट के तहत ही किया था।
अगर राहुल गांधी का ये मिशन पूरा हुआ तो राजनीति की शक्ल सूरत ही बदल जाएगी। हर होनहार को जात-पांत से ऊपर उठकर देश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का मौका मिल सकता है। मकसद बस एक है जब प्रोफेशनल राजनीति को करियर बनाएंगे तो कई बुराईयां अपने आप ही खत्म हो जाएंगी।

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